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Best 200+ भरोसा तोड़ने वाली शायरी | Bharosa Todne Wali Shayari

Published On: January 15, 2026
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Bharosa Todne Wali Shayari उन टूटे हुए एहसासों की आवाज़ है, जो अपनों के धोखे के बाद दिल में रह जाते हैं। जब किसी पर किया गया भरोसा चकनाचूर हो जाता है, तो दर्द शब्दों का सहारा ढूंढता है। ऐसी शायरी उसी दर्द, निराशा और खामोशी को बयां करती है, जिसे हर कोई खुलकर कह नहीं पाता। इसमें रिश्तों की सच्चाई, वादों की बेवफाई और टूटे विश्वास की कसक साफ झलकती है।

अगर आप भी किसी अपने से मिले धोखे का दर्द महसूस कर रहे हैं या अपने जज़्बातों को शब्दों में पिरोना चाहते हैं, तो Best 200+ Bharosa Todne Wali Shayari आपके दिल की बात कहने में मदद करेगी। यह शायरी न सिर्फ़ दिल को हल्का करती है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक सच्चा एहसास बन जाती है, जिन्होंने भरोसे के टूटने का दर्द करीब से देखा है।

भरोसा तोड़ने वाली शायरी दोस्ती

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भरोसा टूटा है
वहम की दवाई मत दो,
कहीं और जाकर शरीफ बनो…
मुझे सफाई मत दो

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हर कोई कातिल है इस शहर में
कुछ भरोसे का
कुछ उम्मीदों का।

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लाखो की हंसी तेरे नाम कर दूंगी
बस भरोसा मत तोड़ना
मै अपनी हर खुशी
तुम पर कुर्बान कर दूंगी…!!

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चांद को सुनाता हूं अक्सर
हाल-ए-दिल अपना
मैं इन जमीं वालों पर अब
भरोसा नहीं करता

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खुद पर भरोसा
करने का हुनर सीख लो
सहारे कितने भी भरोसेमंद हो
एक दिन साथ छोड़ ही जाते हैं

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भरोसा काँच की बोतल की
तरह होता है ,
जो एक बार टूट जाए
तो फिर से जुड़ नहीं सकता ..!!

Bharosa todna shayari on life

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उन्हे अपनी जिंदगी तो बना लिया हमने
लेकिन ये भूल गए की…
जिंदगी का कोई भरोसा नहीं होता

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उसी से पूछ लो
उसके इश्क की कीमत……
हम तो बस भरोसे पे बिक गए….

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इश्क़ और तबियत का कोई
भरोसा नहीं यारों ,
मिजाज़ से दोनों ही दगाबाज़ है..!!

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टूटी हुई चीज हमेशा तकलीफ देती हैं
जैसे के दिल भरोसा
और सब से ज्यादा
उम्मीद…

कुछ ठोकरों के बाद
नज़ाकत आ गई मुझमें,,
अब मैं दिल के मशवरे पर भरोसा नहीं करता..

भरोसा न कीजिए कभी
मौसम और इश्क का
गरजते हैं कहीं और तो
बरसते कहीं और हैं…!!

नसीब वालों को मिलता है ऐसा हमसफ़र ,
जो दूर रहकर भी भरोसा ना तोड़े .!

हर कोई कातिल है इस शहर में
कुछ भरोसे का
कुछ उम्मीदों का।

कोई अगर आपका विश्वास तोड़े तो दुखी मत होना
उनको धन्यवाद देना
क्योंकि यही वो लोग हैं जिनसे हम
यह सीख पाते है कि
कभी किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

दिल की धड़कन
और मेरी सदा हो तुम,
मेरे भरोसे की आखरी वफा हो तुम !!

भरोसा तोड़ा तुमने इसीलिए ये दिल रोया हे
ज्यादा कुच नहि तुमने बस एक अच्छा इंसान खोया हे।

भरोसा तोड़ने वाले स्टेटस

कुछ ठोकरों के बाद
नजाकत आ गयी मुझमें,
अब दिल के मशवरों पे
मैं भरोसा नहीं करता…!

हर किसी को अपना मत मानिए,,
क्योंकि यहां लोग भरोसा और दिल
जबरदस्त तोड़ते हैं….!!!!

अब होता ही नही
मुझे भरोसा किसी पर
मुझे धोखा देने वाले तेरा सो बार शुक्रिया।

न्यू बोली किस्मत में ना था अपना मिलना….
मैने कहा भरोसा तेरे पर था किस्मत पर नहीं….!!!!

bharosa shayari, 2 lines

भरोसा कोई एक तोड़ता है..
नफरत सबसे होने लगती है !! 

भरोसा उसी पर करना
जो निभाने के लायक हो
कुछ पल का साथ तो
जनाजा उठाने वाले भी देते हैं !!

किस्मत खराब नहीं थी
भरोसा गलत लोगो पर था।

गलत इंसान पर भरोसा
करने के बाद ही
सही इंसान को पहचानने की
समझ आती है।

खुद पर भरोसा करो लोगों का क्या हैं
उनके किरदार तो बदलते रहते हैं…

कितने झूठे होते है ना कुछ लोग
कसम खा कर भी भरोसा तोड़ देते
हैं…

नसीब वालों को
मिलते हैं ऐसे हमसफर,,,
जो दूर रहकर भी भरोसा ना तोड़े,,

खैर,, हमारे तो बचपन से ही नसीब फूटे है।

तीन चीजें कभी वापस नहीं आती,
बोले हुए अल्फाज़ ;
गुजरा हुआ वक्त
और टूटा हुआ भरोसा।

एक आईना ही है जिसपर शक़ नहीं मुझे…
आदमीं की फ़ितरत पर भरोसा नहीँ रहा…!!

क़समों में नहीं मानता मैं… उस हादसे के बाद…
अफ़सोस… मेरे भरोसे से इस क़दर खिलवाड़ हुआ है…!!

नसीब से ज्यादा
भरोसा किया था तुम पर,
नसीब इतना नहीं बदला जितना तुम बदल गये….!!

दिल तो था ही नहीं मेरे पास…..यारा
जो उसने तोड़ा वो भरोसा था…!!!

मेरे भरोसे को इस क़दर चोटिल किया गया…
कि… ख़ुद को मुस्कुराता देखकर भी.. मुझे डर लगनें लगा है अब…!!

वादों की जरूरत नहीं होती,
उन रिश्तों में,
जहाँ निभाने वाले पर,
भरोसा होता हैं।…

“जो लम्हा साथ है
उसे जी भर के जी लो !
ये ज़िन्दगी भरोसे के
क़ाबिल नहीं है ….

कभी कभी गुस्से में
की गई एक गलती से
एक दिल एक रिश्ता एक उम्मीद एक ख्वाब
एक भरोसा सब टूट जाता है…

उम्मीद और भरोसा शायरी

भरोसा दिला कर वो भरोसा तोड़ गई,
वो तो गई साथ में भरोसा भी ले गई.

मैं अब खु़दा को
सुनाता हूँ अपना हाल-ए-दिल
मैं अब ज़मीन वालो पे
भरोसा नही करता…

भरोसा टूट गया गालिब….
उसने अपनी इज्जत का धागा थमाया था…..
किसी की मोहब्बत जिस्म से आगे ना बढ़ी ….
और
किसी ने अपनी “रूह को दाव” पर लगाया था…..!!!!

भरोसा कीजिए मगर सावधानी
के साथ , कभी कभी खुद के दाँत
भी जीभ काट लेते हैं !!

तेरे बाद वफ़ा के नाम पर फिर से भरोसा करेंगे हम…
एक पन्ना कम-पसन्द होनें से क़िताब फेंकी नहीं जाती…!!

बस भरोसा मत टूटने देना ए दोस्त,,,
बाकी हर बात हम हँसकर सह लेंगे…

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